Budget Analysis 2024-25: केंद्रीय बजट मुख्य बिंदु, प्रमुख विशेषताएं


बजट विश्लेषण 2024-25: साल 2024-25 के बजट में भले ही टैक्स पेयर्स को कुछ खास नही मिला। टैक्स पेयर्स के लिए इस नए बजट में कोई भी घोषणा नही की गई और न ही स्लैब को बढ़ाया गया। पर इस साल के अंतरिम बजट में तीन महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों को आयकर छूट का लाभ जरूर दिया गया।

2024-25 का यह बजट अंतरिम बजट होने की वजह से इस बजट में कोई विशेष घोषणाएं तो वैसे भी नही की जानी थी, पर लोगो को उम्मीद थी कि टैक्स स्लैब में 50,000 तक और छूट दी जाएगी । पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्स पेयर्स के लिए ऐसी कोई घोषणा नही की । पर हां 2024-25 के इस अंतरिम बजट में तीन महत्त्वपूर्ण क्षेत्रो के टैक्स छूट को एक साल के लिए और बढ़ा दिया गया है। जिसमे नए स्टार्टअप, गिफ्ट सिटी में स्थित विदेशी बैंकों की भारतीय ब्रांच, और सॉवरेन फंड के साथ विदेशी पेंशन फंड।

बजट विश्लेषण 2024-25: स्टार्टअप

स्टार्टअप के लिए ITR 80 iac के अंतर्गत छूट को एक साल के लिए और बढ़ा दिया गया है। ऐसे स्टार्टअप जो 100 करोड़ रुपये से कम का कारोबार कर रहे हैं वे अपने स्टार्टअप शुरू करने से 10 वर्षों के अंदर किसी भी 3 साल के लिए टैक्स पे करने से ब्रेक ले सकते है। वे सारे स्टार्टअप जो 31 मार्च 2023 या उससे पहले स्थापित किये गए हैं वे इस छूट के हकदार हैं। भारत मे स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने के लिए बजट में इस छूट की घोषणा की गई।

बजट विश्लेषण 2024-25

10 4d और सेक्शन 10 4f के अंतर्गत ifsc के लिए भी टैक्स भरने की समय सीमा को एक साल के लिए और बढ़ा दिया गया है। नए बजट के अनुसार अब गिफ्ट सिटी में स्थित विदेशी बैंकों की भारतीय ब्रांच बिज़नेस को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं। यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी योगदान दे रही हैं जिसके चलते गिफ्ट सिटी के भीतर संचालित इन ifsc को अब टैक्स भरने के लिए 1 साल की अतिरिक्त छूट दी जा रही है।

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गिफ्ट सिटी में ऐसे कई सारे विदेशी बैंक हैं जो विदेशों से आकर निवेश कर रहे हैं। कई विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक इन बैंकों के माध्यम से गिफ्ट सिटी में निवेश करने में रुचि दिखा रहे हैं। ऐसे में विदेशी निवेशकों को अप्रत्यक्ष रूप से भारत में निवेश करने की अनुमति दी जा रही है। गिफ्ट सिटी एक तरह से भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने का काम कर रही है ऐसे में गिफ्ट सिटी की संस्थाओं को कुल 15 वर्ष में से 10 साल कर छूट के लिए सरकार द्वारा दिए जा रहे हैं । इस दौरान गिफ्ट सिटी में फंड ट्रांसफर करने की अवधि को भी 2 साल और बढ़ा दिया गया है। कुल मिलाकर यह नया फैसला भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ही लिया गया है । इसके अलावा गिफ्ट सिटी में यदि कोई एयरलाइन लीजिंग फाइनेंस कंपनी स्थानांतरण करना चाहती है तो उन्हें भी 1 साल की अतिरिक्त इनकम टैक्स छूट दी गई है।

सावरेन फंड और पेंशन फंड

सावरेन फंड और पेंशन फंड : इसके अलावा सॉवरेन वेल्थ फंड और पेंशन फंड के लिए भी कर छूट को 1 साल और बढ़ा दिया गया है। इनकम टैक्स एक्ट सेक्शन 10 (23 फ) के अंतर्गत अब इस छूट को 31 मार्च 2025 तक कर दिया गया है । जानकारी के लिए बता दे सावरेन वेल्थ फंड और पेंशन फंड अप्रैल 2020 और मार्च 2024 के बीच में गिफ्ट सिटी में निवेश करने के बाद कमाई लाभ और ब्याज पर छठ के पात्र हैं।

इस प्रकार की कर छूट विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए दी जा रही है। जितना ज्यादा विदेशी निवेश भारत में बढ़ेगा उतना ज्यादा अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और गिफ्ट सिटी का आकर्षण उतना ही ज्यादा बढ़ेगा। भारत में अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए गिफ्ट सिटी का निर्माण किया गया है, जहां विदेशी वित्त आकर्षित किया जा रहा है। ऐसे में विदेशी कंपनियों को फिलहाल कुछ सालों तक इनकम टैक्स में छूट दी जा रही है जिससे विदेशी कंपनियां भारत में आकर निवेश करें और भारतीय अर्थव्यवस्था पर उसका सकारात्मक प्रभाव हो।

निष्कर्ष: Budget Analysis 2024-25

इस प्रकार वर्ष 2024-25 में आम नागरिक के लिए टैक्स पेइंग स्लैब में भले ही कुछ बड़ा ना हो परंतु भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत करने के लिए इन तीन श्रेणियां को टैक्स की छूट दी गई है। जिससे निश्चित ही अगले 5 सालों में भारत की अर्थव्यवस्था और ज्यादा मजबूत होगी जिसका सीधे तौर पर फायदा नागरिकों को ही मिलेगा।

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